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हमारे बारे में

    पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग

    ग्रामीण स्‍वच्‍छता

    मिशन मोड में समयबद्ध तरीके से सर्वव्‍यापी स्‍वच्‍छता कवरेज प्राप्‍त करने प्रयासों में तेजी लाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने महात्‍मा गांधी को उनकी 150वीं जयन्‍ती पर श्रद्धांजलि देने के लिए 2 अक्‍तूबर, 2014 को स्‍वच्‍छ भारत मिशन (एसबीएम) आरंभ किया जिसका लक्ष्‍य 2 अक्‍तूबर, 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्‍त बनाना है। पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग इस मिशन के ग्रामीण घटक-स्‍वच्‍छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम-जी) का प्रबंधन करता है और समग्र एसबीएम का यह समन्‍वय विभाग है। एसबीएम के आरंभ होने के समय 2014 में भारत का ग्रामीण स्‍वच्‍छता कवरेज 39% था जो जून, 2019 तक बढ़कर 99% हो गया है और यह मिशन 2019 तक एक ओडीएफ भारत के लक्ष्‍य की प्राप्ति के पथ पर अग्रसर है। आगे बढ़ते हुए, एसबीएम चार प्रमुख वर्टिकल्‍स–ग्रे वाटर प्रबंधन, प्‍लास्टिक कचरा प्रबंधन, जैव क्षय (बायोडिग्रेडेबल) ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन और मल पंक (फीकल स्‍लज) प्रबंधन के अंतर्गत ओडीएफ स्‍थायित्‍व और ठोस तरल अपशिष्‍ट प्रबंधन पर फोकस करते हुए ओडीएफ से ओडीएफ प्‍लस की ओर अग्रसर होने पर ध्‍यान केन्द्रित करेगा।

    ग्रामीण जल आपूर्ति

    पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग ग्रामीण भारत को सुरक्षित एवं पर्याप्‍त पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिए राज्‍यों को तकनीकी एवं वित्‍तीय सहायता प्रदान करता है। विभाग की केन्‍द्रीय प्रायोजित स्‍कीम राष्‍ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्‍ल्‍यूपी) इस समय भारत की ग्रामीण आबादी को पेयजल उपलब्‍ध कराने पर ध्‍यान दे रहा है। यह विभाग भूजल पुनर्भरण और अपशिष्‍ट जल के पुन:उपयोग के जरिए स्रोत स्‍थायित्‍व पर फोकस करते हुए जहां भी संभव हो, छोटे पैमाने पर समुदाय प्रबंधित स्‍कीमों, भूजल स्‍कीमों पर फोकस करके वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल से जल आपूर्ति उपलब्‍ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।